आज की शिक्षा सबसे बड़ी चुनौती 🙏( बचपन और स्क्रीन )

आज का वातावरण माता-पिता और शिक्षकों के लिए संस्कारों के साथ शिक्षा देना एक चुनौती बनता जा रहा है l आज का युग डिजिटल युग है l मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया ने जहां ज्ञान के नए द्वार खोले हैं,वहीं बच्चों के सामने एक बड़ी चुनौती भी खड़ी कर दी है l आज के बच्चे किताबों से ज्यादा मोबाइल स्क्रीन से जुड़े रहते हैं ऐसे में यह प्रश्न बहुत महत्वपूर्ण हो गया है,कि आज हम बच्चों को कैसे पढ़ाये,सोशल मीडिया से कैसे बचाएं,आज के समय में मोबाइल भी बच्चों की आदत में शामिल होता जा रहा है l ऐसे समय में भी एक सही और अनुकूल मार्गदर्शन से उन्हें पढ़ाई की ओर प्रेरित किया जा सकता है l सबसे पहले तो माता-पिता को बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए l जब आप उनके साथ बैठेंगे, समय बिताएंगे उनको पढ़ाएंगे तो उनका मन अपने आप मोबाइल से हटेगा, बच्चों के लिए एक नियमित दिनचर्या बनाना बहुत जरूरी है l

जिसमें पढ़ाई खेल और आराम का संतुलन हो मोबाइल का समय सीमित कर दें जैसे दिन में सिर्फ 30 से 40 मिनट, और साथ ही उन्हें बाहर खेलने,किताबें पढ़ने और रचनात्मक गतिविधियों से जैसे तस्वीर बनाना उनमें रंग भरना, उन्हें कहानी लिखने और पढ़ने के लिए प्रेरित करें, सबसे महत्वपूर्ण है बच्चों को डांटने के बजाय उन्हें प्यार से समझाएं, जब यह अच्छा करें तो तुरंत उनकी तारीफ करें यक़ीन मानिये इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह पढ़ाई में मन लगाएंगे l माता-पिता खुद भी बच्चों के सामने मोबाइल का उपयोग कम करें l क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो देखते हैं अगर आप स्वयं मोबाइल में हर समय व्यस्त रहेंगे तो बच्चों से मोबाइल छोड़ने की उम्मीद करना बिल्कुल गलत है l अपने घर में रोज ऐसा समय जरूर रखें जब घर के सभी लोग बिना मोबाइल के समय बिताये l अंत में निष्कर्ष के रूप में यही कहना है कि आज के बच्चों का पढ़ाई की ओर ध्यान केंद्रित करने के लिए शक्ति से ज्यादा प्रेम, धैर्य और समझदारी की जरूरत है l सही मार्गदर्शन सीमित सोशल मीडिया और सकारात्मक वातावरण से ही हम बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं l 👍आपके लिए कुछ बहुत अच्छे( टिप्स) भी हैं जिन्हें अगर आप अपने घर में (फॉलो )करेंगे तो बच्चे बहुत कुछ सीखेंगे

1- डिजिटल डिटॉक्स के नियम बनाएं 👍घर के कुछ हिस्सों को डिवाइस फ्री घोषित करें जैसे कि डाइनिंग टेबल,खेलने का समय,सोने का समय, सबकी समय सीमा निश्चित करें 👍जैसे दिन में केवल 30 से 40 मिनट ही उनको मोबाइल मिलेगा,जब समय खत्म होने वाला हो तो उन्हें 5 मिनट पहले याद दिलाए,ताकि वह मानसिक रूप से तैयार रहे,बिस्तर पर जाने से पहले कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल बंद कर दें l
2- विकल्प पेश करें 👍बच्चे अक्सर बोरियत की वजह से मोबाइल उठाते है l उन्हें कुछ आकर्षक विकल्प भी दें जैसे पेंटिंग,ब्लॉक बिल्डिंग,कहानी की किताबें या कोई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बच्चों के साथ खेलने के लिए पार्क
जाएं या घर के अंदर ही जैसे छुपन छुपाई जैसे खेल बच्चों के साथ खेले आपका समय भी बच्चों के साथ बहुत अच्छा बीतेगा और बच्चों में एक बहुत सकारात्मक आत्मविश्वास पैदा होगा l👍जिससे वह अपने जीवन में सही दिशा चुन सकेंगे l
शब्द साधना ✍️
ममता प्रकाश 🙏🙏🙏

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