ॐ साईं राम नमस्कार।

मेरा नाम ममता प्रकाश है। मेरी आयु 58 वर्ष है और मेरा शिक्षण अनुभव लगभग 26 वर्षों का है। मैंने हिन्दी साहित्य से स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की है।

हिन्दी भाषा और साहित्य मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। अपने लंबे शिक्षण अनुभव के दौरान मैंने विद्यार्थियों को न केवल पाठ्य ज्ञान दिया, बल्कि जीवन के मूल्यों और संस्कारों से भी परिचित कराया।

अपने इस ब्लॉग के माध्यम से मैं हिन्दी साहित्य, शिक्षा, संस्कार एवं प्रेरणादायक, आध्यात्मिक विषयों पर अपने अनुभव और विचार साझा करना चाहती हूँ।
मेरा उद्देश्य सरल और सहज भाषा में उपयोगी और रोचक जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है।

विश्वास है कि मेरे लेख पाठकों के लिये मार्गदर्शक और प्रेरणादायक सिद्ध होंगे।

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गृहस्थ जीवन और भक्ति

अक्सर लोगों को लगता है कि भक्ति केवल साधु संतों का मार्ग है, और गृहस्थ जीवन में भक्ति संभव नहीं परंतु सत्य यह है कि सच्ची भक्ति का सबसे...

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आज की बेटियों का दर्द

आज का समय बेटियों के लिए सचमुच आसान नहीं है l शब्दों में और कागजों में तो बराबरी मिल गई है l पर जमीनी सच्चाई आज भी सवाल खड़े...

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भक्ति और डिजिटल युग (कलयुग )

आज का युग कलयुग यानी मशीनी युग है, और ये युग मोबाइल और सोशल मीडिया का है l हर पल नोटिफिकेशन,तुलना और दिखावा मन की शांति कहीं खोती सी...

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नारी की संवेदना

अध्यात्म की तरफ चलते चलते आज ध्यान खुद की तरफ चला गया l यकीन मानिये हम स्त्रियों की जिंदगी आज भी आसान नहीं है l इसी विषय पर🙏शब्द साधना...

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संतों की वाणी से- संत जनाबाई

संतों की वाणी से- संत जनाबाई की भक्ति मय भाव भरी कथा

शब्द साधना में एक और भक्ति के नए आयाम स्थापित करता हुआ अध्याय जुड़ रहा है,🙏भक्त जनाबाई का 🙏 जिनका चरित्र अद्भुत था l साधारण परिवार में जन्मी असाधारण...

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सेवा भावना

सेवा भाव से की गई भक्ति ही ईश्वर की सच्ची पूजा है lईश्वर की भक्ति केवल मंदिरों में दीप जलाने, फूल चढ़ाने या मंत्र बोलने तक ही सीमित नहीं...

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