आज का समय बेटियों के लिए सचमुच आसान नहीं है l शब्दों में और कागजों में तो बराबरी मिल गई है l पर जमीनी सच्चाई आज भी सवाल खड़े करती है l बेटियों के आज भी दो संसार है, जिसको वो निभाने के लिए मजबूर है,एक है आधुनिकता, दूसरा है परंपरा, बेटियां पढ़ना चाहती हैं, आगे बढ़ना चाहती हैं पर यह सवाल उनका पीछा नहीं छोड़ता की घर कौन संभालेगा,बेटियां सपने देखती हैं तो सपनों की सीमाएं तय कर दी जाती हैं l घर की इज्जत परिवार की बातें समाज एवं रिश्तो की मर्यादा,इन सब का बोझ बेटियों के कंधे पर ही तो डाला जाता है l अगर वह चुप है तो संस्कारी अगर वह बोले तो असंस्कारी,आज की बेटी बाहर की दुनिया से तो लड़ ही रही है पर सबसे बड़ी लड़ाई वह अपनों से लड़ रही है lवह हर रोज खुद को साबित करती है कि वह कमजोर नहीं है l
उसके सपने भी उतने ही कीमती हैं, पर सबसे गहरा दर्द तब होता है जब आज भी वो हंसते हुए अपने आंसू छुपा लेती है l वह थककर भी कहती है,मैं ठीक हूं क्योंकि यह शब्द उसे बचपन में घुट्टी में पिला दिए गए हैं,कि सहन करना उसकी सबसे बड़ी ताकत है l लेकिन आज की बेटियां सिर्फ सहने के लिए ही नहीं बनी,वह बदलाव लाने आई है वह अपनी चुप्पी को आवाज में बदल रही है,और डर को आत्मविश्वास में🙏 समय कठिन है पर बेटियों का साहस उससे भी बड़ा है, जरूरत है उन्हें समझने की उनका साथ देने की,और यह मानने की, कि बेटी होना बोझ नहीं ईश्वर का दिया हुआ वरदान है l आज की बेटियां अब चुप नहीं है वह डर के आगे खड़ी है अपने सपनों को बचाने के लिए, और खुद को साबित करने के लिए अपने आप को पहचान रही हैं l
अंत में बस इतना ही कहना है,अगर आप एक बेटी को शिक्षा और बराबरी दोनों के पंख देंगे,तो वे सिर्फ अपने लिए ही नहीं पूरे समाज के लिए उड़ान भरेंगी,तभी हमारा समाज वास्तव में विकसित कहलाएगा l इन विचारों के साथ संकल्प ने हर बेटी को पढ़ने का और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा 🙏ईश्वर का वरदान है बेटी🙏 🙏अगर बेटी नें जन्म लिया है, तो आप सौभाग्य शाली है ❤️ आपकी बेटी ❤️आपके कुल के साथ , एक और कुल की शोभा बढ़ाने आई है l 👏👏👏
शब्द साधना ✍️
ममता प्रकाश 🙏🙏🙏
This Post Has 4 Comments
Waaaa👏👏
Mesmerizing thoughts ma’am, keep writing ma’am
Mesmerizing thoughts ma’am, keep writing ma’am
Awesome writeup