संतों की वाणी से- संत जनाबाई की भक्ति मय भाव भरी कथा

शब्द साधना में एक और भक्ति के नए आयाम स्थापित करता हुआ अध्याय जुड़ रहा है,🙏भक्त जनाबाई का 🙏 जिनका चरित्र अद्भुत था l साधारण परिवार में जन्मी असाधारण महिला संत जनाबाई 🙏भक्ति मार्ग में कुछ ऐसी आत्माएं होती हैं जिनका जीवन स्वयं उपदेश बन जाता है l संत नामदेव की दासी भक्त जनाबाई भी उन्हीं में से एक थी l उनका जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ पर उनका मन असाधारण रूप से भगवान विट्ठल (श्री कृष्ण) की भक्ति में रमा हुआ था lजनाबाई दिन रात घर के काम करती झाड़ू लगाना,बर्तन साफ करना, कपड़े धोना पर उनके लिए यह सब केवल काम नहीं था, अपितु सेवा के माध्यम से की जाने वाली भक्ति थी l उनके मुख में हर समय विट्ठल नाम का स्मरण चलता रहता l

उनका मानना था कि जब सेवा हाथ में हो और मन प्रभु में तभी सच्ची भक्ति होती है l एक बार की बात है जनाबाई रोज की तरह अनाज चक्की में पीस रही थी, वह अकेली थी अनाज बहुत सारा था,जनाबाई के हाथ दुखने लगे पर मन में कोई शिकायत नहीं थी बस विट्ठल का नाम स्मरण करती रही और कहा जाता है कि उनकी सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर विट्ठल आए और चक्की चलाने लगे,जनाबाई बस अश्रुपूर्ण आंखों से अपने विट्ठल को निहारती रही, बाहर के लोग देख रहे थे की चक्की अपने आप चल रही है, लोगों ने जनाबाई से पूछा की चक्की अपने आप कैसे चल रही थी, जनाबाई ने कहा अभी विट्ठल आए थे और चक्की चला रहे थे देखो तो, मेरे विठ्ठल सारा अनाज पीस कर गए हैं l लोग एक दूसरे का मुख देखने लगे उनको जनाबाई की बात समझ ही नहीं आई उन सबको तो जना बाई कोई जादूगरनी ही दिख रही थी l लेकिन ये सच्ची प्रेम भक्ति कोई विरला ही समझ पाता है l यह कथा हमको यही सिखाती है कि भगवान को पाने के लिए ना तो बड़े यज्ञ चाहिए, और ना ही दिखावा केवल निष्काम सेवा सच्ची भावना और निरंतर नाम स्मरण ही पर्याप्त है l भक्त जनाबाई का जीवन आज भी हमें संदेश देता है कि ईश्वर मंदिरों में ही नहीं बल्कि हमारे दैनिक कर्म और सेवा भाव में भी निवास करते हैं l जब अहंकार मिट जाता है और भाव शुद्ध हो जाता है तब प्रभु स्वयं हमारे कार्यों के सहभागी बन जाते हैं l

निष्कर्ष 🙏 बड़े-बड़े विद्वान,पंडित, ज्ञानी कुछ भी कहे पर ईश्वर तो केवल प्रेम भाव में ही निवास करते हैं lतुलसीदास जी की यह चौपाई जो भगवान के प्रेम को दर्शाती है, और हम सबको सिखाती है,कि हमारे प्रभु को हमसे केवल सच्चा प्रेम और सच्चा भाव चाहिए🙏
🙏रामहि केवल प्रेमु पियारा l
जान लेउ जो जान निहारा ll🙏
शब्द साधना ✍️
ममता प्रकाश 🙏🙏🙏

Other Blogs

Facebook
WhatsApp

This Post Has One Comment

  1. Anjali

    Sundar hriday sparshi rachana

Leave a Reply