आज की जिंदगी एक तेज भाग दौड़ बन चुकी हैl हम सुबह से शाम तक किसी न किसी काम,जिम्मेदारी या चिंता में उलझे रहते हैंl और इस भाग दौड़ में सबसे ज्यादा हम जिसे नजरअंदाज करते हैं वह है हम स्वयं, ऐसे में यह पंक्ति हमें गहराई से सोचने पर मजबूर करती है l कि 🙏थोड़ा रुक कर खुद से मिल लेना भी तो एक साधना ही है🙏 साधना का अर्थ मंदिर जाना मंत्र जपना ध्यान करना या पूजा पाठ नहीं है। बल्कि सच्ची साधना वह है जब हम कुछ पल अपने मन की स्थिति को समझें जब हम खुद से पूछे हम कैसा महसूस कर रहे हैं l हम क्यों थक रहे हैं हमें वास्तव में क्या चाहिए । जब इंसान हर समय बाहर की दुनिया में उलझा रहता हैl तो अंदर का संसार धीरे-धीरे सूना होने लगता है लेकिन जिस दिन हम थोड़ी देर के लिए, रुकते हैं मोबाइल बंद करते हैं,शोर से दूर बैठते हैं और अपनी आंतरिक बात सुनते हैं l वहीं से हमारी आध्यात्मिक यात्रा शुरू होती हैl खुद से मिलना मतलब अपने दुख को स्वीकार करना, अपनी कमजोरी को समझना और अपनी कमजोरियों को स्वीकार भी करनाl अपनी अच्छाइयों को जानना, यह प्रक्रिया आसान नहीं होती हैl क्योंकि खुद से सामना करना साहस मांगता है,परंतु यही साहस हमें भीतर से मजबूत भी बनाता है l आज जब तनाव, चिंता और अकेलापन आम हो गया है तब खुद के साथ बिताया गया समय सबसे बड़ा उपचार बन सकता हैl यह हमें सिखाता है कि शांति बाहर नहीं हमारे भीतर ही मौजूद हैl 🙏 इसलिए रोज थोड़ा समय निकालिए बिना किसी अपेक्षा के बिना किसी भूमिका के बस स्वयं के साथ बैठिए, यही मौन यही ठहराव यही साधना हैl क्योंकि जब हम खुद को समझने लगते हैं तो सही मायने में जीवन को भी समझने लगते हैंl🙏
हमारे विचारों के द्वारा अपने जीवन को आसान बनाइये 👏
आज की बेटियों का दर्द
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